अरबी-फ़ारसी मुक्त हिन्दी: बाज़ारू खिचड़ी से आर्यभाषा तक — नित्यानन्द मिश्र का व्याख्यान

यद्यपि संस्कृतनिष्ठ और प्राकृतनिष्ठ हिन्दी बोलने और लिखने वाले अनेक लोग हैं, तथापि आजकल की लोकप्रिय हिन्दी उर्दू-हिन्दी की खिचड़ी है। नव-स्वतन्त्र भारत में “बाज़ार…

View More अरबी-फ़ारसी मुक्त हिन्दी: बाज़ारू खिचड़ी से आर्यभाषा तक — नित्यानन्द मिश्र का व्याख्यान

पैगंबरवाद का पूर्व पक्ष — नीरज अत्रि द्वारा एक व्याख्यान

पैगम्बरवादी मज़हबों के आने से पहले विश्व की विभिन्न सभ्यताओं का संक्षिप्त परिचय देने के पश्चात पैगम्बरवादी विचारधाराओं की तुलना भारतीय विचारधाराओं से की जाएगी।…

View More पैगंबरवाद का पूर्व पक्ष — नीरज अत्रि द्वारा एक व्याख्यान

भारत में गांजा का महत्व — प्रिया मिश्रा द्वारा एक व्याख्यान

यूनान, चीन, मिस्र आदि प्राचीन सभ्यताओं में तथा यहूदी, ताओ, बौद्ध, सिख व इस्लाम जैसे धर्मों में गांजा या भांग नामक वनस्पति को बहुत महत्व…

View More भारत में गांजा का महत्व — प्रिया मिश्रा द्वारा एक व्याख्यान

इसाई पंथ और भारत — डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

संपूर्ण विश्व में प्रेम व शान्ति का स्वरुप माने जाने वाले इसाई धर्म के विस्तार का इतिहास रक्त से सना है, ये तथ्य कम ही…

View More इसाई पंथ और भारत — डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

आयुर्वेद का महत्व — श्रीमती जिज्ञासा आचार्या द्वारा एक व्याख्यान

प्राचीन काल से चली आ रही भारतीय आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की अविरल परंपरा का एक अभिन्न अंग है आयुर्वेद| आयुर्वेद ऐसी प्रायोगिक चिकित्सा पद्धति…

View More आयुर्वेद का महत्व — श्रीमती जिज्ञासा आचार्या द्वारा एक व्याख्यान

भारतीय गुरुकुल शिक्षा प्रणाली — मेहुलभाई आचार्य का व्याख्यान

भारतीय परंपरा में मनुष्य जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्यों में से शिक्षा को सबसे उच्च का स्थान दिया गया है| पुरातन काल से भारतवर्ष समस्त…

View More भारतीय गुरुकुल शिक्षा प्रणाली — मेहुलभाई आचार्य का व्याख्यान

अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल – संक्रान्त सानु द्वारा एक व्याख्यान

वक्ता के विषय में: –   संक्रांत सानू एक व्यवसायी, लेखक और शोध्कर्ता है, Seattle और गुडगाँव से अपना काम सम्भालतें हैI आप इतिहास, धार्मिक…

View More अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल – संक्रान्त सानु द्वारा एक व्याख्यान

सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना में संत रामानन्दाचार्य जी की भूमिका — श्री देवांशु झा का व्याख्यान

वक्ता के विषय में: –   श्री देवांशु कुमार झा अठारह वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वे समसामयिक विषयों पर…

View More सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना में संत रामानन्दाचार्य जी की भूमिका — श्री देवांशु झा का व्याख्यान

आदि शंकराचार्य : जीवन चरित्र एवं समयकाल समीक्षा — श्री अमित शर्मा का व्याख्यान

वक्ता के विषय में: –   अमित शर्मा जी निवासी है उज्जैन (म.प्र) के । सदस्य है श्री ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाया गोवर्धन मठ पुरीपीठ कृतः “अखिल…

View More आदि शंकराचार्य : जीवन चरित्र एवं समयकाल समीक्षा — श्री अमित शर्मा का व्याख्यान

क्या भारत का हिन्दू रहना ज़रूरी है? — शंकर शरण जी का व्याख्यान

  वक्ता के विषय में: –   डॉ शरन हिंदी लेखक व शिक्षाविशारद होने के साथ राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक भी हैं। आप सोवियत-मार्क्सवादी सिद्धांत…

View More क्या भारत का हिन्दू रहना ज़रूरी है? — शंकर शरण जी का व्याख्यान